अस्पताल में प्रसव कराएं कैसे? चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं

  • जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों का टोटा, सुरक्षित प्रसव पर भी सवाल
  • चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं
  • प्रसव के बाद नवजातों की विशेषज्ञ जांच का संकट
  • गर्भवती महिलाओं को किया जा रहा रेफर

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिला अस्पताल गोपेश्वर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी अब मरीजों के इलाज के साथ-साथ संस्थागत और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। एक ओर स्वास्थ्य विभाग और सरकार की ओर से महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के प्रमुख अस्पताल में चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। ऐसे में प्रसव को तथा प्रसव के बाद नवजात को विशेषज्ञ उपचार की जरूरत पड़ने पर परिजनों के सामने रेफरल की स्थिति पैदा हो रही है।

जिला अस्पताल में चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, वहीं दो माह से नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद भी रिक्त है। ईएनटी विशेषज्ञ जनवरी तक मातृत्व अवकाश पर हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सीधा असर मरीजों को मिल रही सेवाओं पर पड़ रहा है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के उपचार को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ रही है।

अस्पताल में प्रसव कराने पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के मामले में यदि प्रसव से पहले या बाद में नवजात को बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत पड़ती है तो विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण रेफरल की स्थिति बन रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है तो जिला अस्पताल में नवजातों की विशेषज्ञ देखभाल के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती क्यों नहीं हो पा रही है।

जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी करीब 550 तक पहुंच रही है। सर्दी-जुकाम के साथ बड़ी संख्या में टाइफाइड के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बीच जनरल सर्जन डॉ. दीपक नेगी और डॉ. नीरज पिमोली मरीजों का परीक्षण और उपचार कर रहे हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र सिंह बिष्ट और मुकुल बिष्ट का कहना है कि जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि प्रसव जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग धनिक ने बताया कि रिक्त चिकित्सक पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

 

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

उत्तराखण्ड लोअर PCS 2024 का अंतिम परिणाम जारी, आयुष बेलवाल ने किया टॉप

Mon Sep 28 , 2026
हरिद्वार : उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने लोअर PCS परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया। परीक्षा में देहरादून के रहने वाले आयुष बेलवाल ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं, जसपुर के बिक्रांत सिंह दूसरे और देहरादून की हिमानी लोहानी तीसरे स्थान पर रहीं। आयोग की […]

You May Like

Share